भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समय-समय पर बैंकिंग प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए नए नियम और दिशा-निर्देश जारी करता रहता है। इसी कड़ी में, यह खबर चर्चा में है कि 1 दिसंबर 2025 से तीन तरह के बैंक अकाउंट बंद किए जा सकते हैं।
RBI की गाइडलाइन का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि केवल सक्रिय और सत्यापित खाते ही बैंकिंग सिस्टम में रहें। इससे न केवल बैंकों का बोझ कम होगा, बल्कि वित्तीय जोखिम को भी रोका जा सकेगा। अगर आपका भी कोई बैंक खाता है, तो आपको तुरंत इन नियमों को जान लेना चाहिए और अपने खाते की स्थिति की जाँच कर लेनी चाहिए।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि RBI सीधे तौर पर खातों को बंद करने का निर्देश नहीं देता, बल्कि वह बैंकों को ऐसे खातों को निष्क्रिय करने या बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने की सलाह और गाइडलाइन देता है। यह कदम ग्राहकों को जागरूक करने और अपने खाते को सक्रिय रखने के लिए प्रेरित करने के लिए उठाया गया है।
कौन से 3 प्रकार के बैंक अकाउंट हो सकते हैं बंद?
RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन तीन श्रेणियों के बैंक अकाउंटों पर मुख्य रूप से कार्रवाई की जा सकती है, वे निम्नलिखित हैं:
1. निष्क्रिय खाते (Dormant Accounts)
- निष्क्रिय खाते वे होते हैं जिनमें दो साल या उससे अधिक समय से कोई लेन-देन (जमा या निकासी) नहीं हुआ है।
- ऐसे खातों को बैंक डॉर्मेंट अकाउंट (Dormant Account) घोषित कर देते हैं।
- डॉर्मेंट खातों से लेन-देन करना मुश्किल हो जाता है, और अक्सर ऑनलाइन सेवाएँ भी बंद हो जाती हैं।
- साइबर ठग अक्सर इन खातों का दुरुपयोग करने की कोशिश करते हैं, इसलिए RBI ने इन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
- अगर आपका खाता 10 साल तक डॉर्मेंट रहता है, तो उसका बैलेंस डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
2. इनएक्टिव अकाउंट (Inactive Accounts)
- इनएक्टिव अकाउंट (Inactive Account) वे खाते होते हैं जिनमें 12 महीने (एक साल) से अधिक समय से कोई लेन-देन नहीं हुआ है।
- यह खाता डॉर्मेंट अकाउंट बनने की दिशा में पहला कदम होता है।
- इनएक्टिव होने पर ग्राहक को बैंक से नोटिस या अलर्ट भेजा जाता है।
- इन खातों को सक्रिय रखने के लिए ग्राहकों को जल्द से जल्द लेन-देन करना जरूरी होता है।
3. जीरो बैलेंस अकाउंट (Zero Balance Accounts)
- वे खाते जो लंबे समय से जीरो बैलेंस (Zero Balance) पर चल रहे हैं, उन्हें भी बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
- हालांकि, यह नियम सभी जीरो बैलेंस खातों पर लागू नहीं होता, खासकर जन धन खातों पर।
- यह कदम केवाईसी (KYC) नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने और इन खातों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है।
RBI के नए नियमों का त्वरित अवलोकन (Overview)
यह सारणी RBI की गाइडलाइंस के तहत खातों की स्थिति और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को दर्शाती है।
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| विषय (Subject) | विवरण (Details) |
| नियम लागू होने की तारीख | 1 दिसंबर 2025 (विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार) |
| प्रभावित अकाउंट | निष्क्रिय (डॉर्मेंट), इनएक्टिव, और जीरो बैलेंस खाते |
| मुख्य उद्देश्य | बैंकिंग सुरक्षा बढ़ाना, धोखाधड़ी (Fraud) कम करना |
| निष्क्रिय (डॉर्मेंट) समय सीमा | 2 साल या उससे अधिक समय से कोई ट्रांजैक्शन नहीं |
| इनएक्टिव अकाउंट समय सीमा | 12 महीने या उससे अधिक समय से कोई ट्रांजैक्शन नहीं |
| खाता सक्रिय करने का तरीका | बैंक शाखा में जाकर KYC प्रक्रिया पूरी करें और लेन-देन करें |
| KYC के लिए आवश्यक दस्तावेज़ | आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज़ फोटो, निवास प्रमाण पत्र |
| निष्क्रिय खाते पर शुल्क | RBI के नियमानुसार, निष्क्रिय बनाने या सक्रिय करने पर कोई दंड शुल्क नहीं |
अपने खाते को बंद होने से कैसे बचाएं?
यदि आपका खाता उपरोक्त में से किसी भी श्रेणी में आता है, तो उसे बंद होने से बचाने के लिए आपको तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे।
खाते को सक्रिय (Activate) करने का तरीका
- लेन-देन करें: अपने खाते से छोटा-सा लेन-देन (Transaction) करें, जैसे कि कुछ पैसे जमा करें, निकालें, या ऑनलाइन ट्रांसफर करें।
- KYC अपडेट कराएं: यदि आपका KYC लंबित है या पुराना हो गया है, तो तुरंत अपनी होम ब्रांच में जाकर इसे अपडेट कराएं। वीडियो KYC की सुविधा भी कई बैंकों में उपलब्ध है।
- बैंक से संपर्क करें: अपने बैंक की होम ब्रांच में व्यक्तिगत रूप से जाकर अकाउंट एक्टिवेशन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें।
- पॉजिटिव बैलेंस बनाए रखें: यदि आपका खाता जीरो बैलेंस की श्रेणी में आता है, तो उसमें कुछ राशि जमा करके एक पॉजिटिव बैलेंस बनाए रखें।
KYC के लिए जरूरी दस्तावेज़
खाते को सक्रिय कराने और KYC प्रक्रिया पूरी करने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- नवीनतम पासपोर्ट साइज़ फोटो
- निवास प्रमाण पत्र (जैसे बिजली बिल, वोटर आईडी, आदि)
- बैंक द्वारा माँगा गया अन्य कोई पहचान पत्र
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी (Other Important Information)
- DEAF फंड: अगर आपका डॉर्मेंट अकाउंट 10 साल तक निष्क्रिय रहता है, तो खाते में जमा राशि डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) में चली जाती है। हालाँकि, ग्राहक सही प्रक्रिया का पालन करके इस राशि को वापस पाने का दावा कर सकते हैं।
- नो पेनाल्टी: RBI के नियम के अनुसार, बैंक निष्क्रिय खातों पर कोई दंड शुल्क (Penal Charges) नहीं लगा सकते और न ही उन्हें फिर से सक्रिय करने के लिए कोई शुल्क ले सकते हैं।
- ब्याज जारी: बचत खाते (Savings Account) पर ब्याज नियमित रूप से क्रेडिट होता रहेगा, भले ही खाता निष्क्रिय हो गया हो।
- सुरक्षित बैंकिंग: इन नियमों का पालन करना न केवल आपके लिए, बल्कि पूरे बैंकिंग सिस्टम के लिए भी सुरक्षित है।
यदि आप इन नियमों का पालन करते हैं और अपने खाते को सक्रिय रखते हैं, तो आपको खाता बंद होने की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।










