रेलवे की नई गाइडलाइन के तहत अब ट्रेन टिकट की बुकिंग समय में बड़ा बदलाव किया गया है। 2025 से रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया को और पारदर्शी, सुरक्षित और यात्री हितैषी बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं।
पहले जहां टिकट बुकिंग लगभग 120 दिन पहले से हो पाती थी, अब वह अवधि 60 दिन कर दी गई है। साथ ही, टिकट बुकिंग 8 बजे सुबह से शुरू होकर 11 बजे रात तक ही की जा सकेगी, जिससे सिस्टम की अधिक भीड़-भाड़ और खराबी को कम किया जा सकेगा। सबसे खास बात यह है कि अब रिजर्वेशन खुलने के पहले 15 मिनट तक केवल उन यात्रियों को टिकट बुक करने की अनुमति होगी जिनका आधार कार्ड IRCTC अकाउंट में लिंक और वेरिफाइड होगा। इस कदम का मकसद एजेंटों और बॉट्स द्वारा फर्जी बुकिंग रोकना है, जिससे टिकट का उचित वितरण हो।
Train Ticket Timing Changed
2025 में भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जिसका उद्देश्य आम यात्री को प्राथमिकता देना और बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। नई गाइडलाइन के तहत, ऑनलाइन टिकट बुकिंग के वक्त अब नए समय निर्धारित किए गए हैं जो सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक हैं। इससे पहले बुकिंग विंडो कहीं ज्यादा लंबी होती थी, जिसने कई बार साइट पर ट्रैफिक और तकनीकी दिक्कतें पैदा की थीं।
साथ ही, जो सबसे अहम बदलाव है वह है आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य करना। अब जब भी सामान्य रिजर्वेशन खुलता है, पहले 15 मिनट तक केवल वे यात्री टिकट बुक कर पाएंगे जिनका आधार IRCTC अकाउंट से लिंक और सत्यापित है। इसके बाद बाकी यात्री बिना आधार प्रमाणीकरण के भी बुकिंग कर सकेंगे। यह नियम विशेष तौर पर त्योहारों और विवाह के सीजन में टिकट के दुरुपयोग को रोकने के लिए लाया गया है।
आधार प्रमाणीकरण प्रणाली से रेलवे को यह फायदा होगा कि नकली अकाउंट का उपयोग कर बुकिंग करने वाले टिकेट एजेंट्स और बॉट्स से बचा जा सकेगा। साथ ही, यह यात्रियों के लिए एक भरोसेमंद बुकिंग अनुभव प्रदान करेगा।
इस योजना से मिलने वाले फायदे
रेलवे की नई गाइडलाइन यात्रियों के लिए कई लाभ लेकर आई है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि टिकट बुकिंग का अवसर अब ज्यादा निष्पक्ष तरीके से मिलेगा। रेलवे ने बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई है ताकि टिकट दालने के बाद भी वास्तविक यात्री आसानी से टिकट पा सकें।
नई बुकिंग विंडो से तकनीकी समस्याएं घटेंगी और वेबसाइट या एप्लिकेशन की उपयोगिता बेहतर होगी। आधार प्रमाणीकरण की वजह से यात्रा की सुरक्षा भी बढ़ेगी और कोई भी बेतुका या फर्जी बुकिंग नहीं हो पाएगा। इससे यात्रियों को यात्रा के लिए सही समय पर टिकट मिलने की गारंटी बढ़ेगी।
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इसके अलावा, रेलवे ने टिकट रिजर्वेशन चार्ट बनाम समय भी बढ़ाकर 4 घंटे से 8 घंटे कर दिया है। इसका मतलब यह है कि यात्रियों को टिकट की कन्फर्मेशन की स्थिति पहले से बेहतर जानने का मौका मिलेगा और वे अपनी यात्रा को बेहतर तरीके से प्लान कर सकेंगे।
लागू होने की तिथि और तकनीकी बदलाव
नई गाइडलाइन 21 नवंबर 2025 से प्रभावी हो गई है। टिकट बुकिंग का नया समय और आधार प्रमाणीकरण नियम इसी तारीख से लागू हो गए हैं। टिकट बुकिंग के लिए अब IRCTC वेबसाइट और मोबाइल ऐप का उपयोग करना होगा, जहां आधार लिंकिंग आवश्यक है।
रेलवे एजेंटों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। अब वे पहले 10 मिनट तक टिकट बुक नहीं कर सकते, ताकि आम यात्रियों को टिकट मिल सके। यह बदलाव एजेंटों के द्वारा बड़े पैमाने पर टिकट खरीदकर अवैध रूप से बेचने की प्रथा को रोकने के लिए किया गया है।
यदि आप नियमित रेलवे यात्रा करते हैं तो जरूरी है कि आप अपना आधार IRCTC अकाउंट से लिंक करें। इससे आप नए सिस्टम के तहत आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं और किसी भी तरह की असुविधा से बच सकते हैं। टिकट बुकिंग का नया समय और नया तरीका योजना को ज्यादा स्मार्ट बनाता है।
निष्कर्ष
रेलवे की नई गाइडलाइन टिकट बुकिंग को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधार प्रमाणीकरण और बुकिंग टाइमिंग के बदलाव से अब टिकट बुक करना ज्यादा आसान और निष्पक्ष होगा। यात्रियों को चाहिए कि वे अपने IRCTC अकाउंट में आधार लिंक करना न भूलें और नए नियमों के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं ताकि उन्हें सुविधा से टिकट मिल सके। यह बदलाव रेलवे की आधुनिकता और यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक पहल है।










